वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। युवाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ने की दिशा में डालमिया भारत फाउंडेशन ने हरदोई में नए दीक्षा कौशल विकास केंद्र की शुरुआत की है। इस केंद्र के माध्यम से हर साल 360 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां डाटा एंट्री ऑपरेटर, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट और असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन के पाठ्यक्रम संचालित होंगे। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
केंद्र का उद्घाटन डालमिया भारत फाउंडेशन के सीईओ अशोक कुमार गुप्ता और डीबीएसआईएल के रामगढ़ एवं गंगापुर यूनिट हेड टीएन सिंह ने किया। कार्यक्रम में 60 विद्यार्थी और 15 अभिभावक शामिल हुए। गंगापुर के डिप्टी यूनिट हेड गणेश बाबू यादव ने कार्यक्रम की मेजबानी की। फाउंडेशन के सीईओ अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रासंगिक कौशल और रोजगार के अवसरों तक पहुंच युवाओं तथा उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। दीक्षा कार्यक्रम के जरिए युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। हरदोई में नया केंद्र शुरू होने से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र के करीब ही व्यावसायिक प्रशिक्षण मिल सकेगा।
उत्तर प्रदेश में दीक्षा कार्यक्रम के तहत सीतापुर, शाहजहांपुर और रामगढ़ सैटेलाइट में पहले से तीन केंद्र संचालित हैं। इनकी कुल वार्षिक प्रशिक्षण क्षमता 1100 से अधिक युवाओं की है। फाउंडेशन के अनुसार, प्रदेश में अब तक 5100 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें 70 प्रतिशत से अधिक युवाओं को नौकरी मिली है या उन्होंने स्वरोजगार शुरू किया है। प्रशिक्षुओं में महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है।
राष्ट्रीय स्तर पर डालमिया भारत फाउंडेशन 11 राज्यों में 32 दीक्षा कौशल विकास केंद्र चला रहा है। इन केंद्रों की वार्षिक प्रशिक्षण क्षमता 10 हजार से अधिक युवाओं की है। हरदोई केंद्र के शुरू होने से क्षेत्र में कौशल विकास और आजीविका के अवसरों का विस्तार होने की उम्मीद है।