वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के सहयोगी दल निषाद पार्टी ने मछुआरा समाज के आरक्षण के मुद्दे पर तेवर कड़े कर लिए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने भाजपा को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि मछुआरा समाज के आरक्षण पर जल्द फैसला किया जाए, वरना पार्टी दूसरे राजनीतिक विकल्पों पर विचार कर सकती है।
दिल्ली के तालकटोरा में आयोजित महासम्मेलन में संजय निषाद ने आरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने संकेत दिया कि मछुआरा समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग पर निर्णय नहीं होने से पार्टी और उसके समर्थकों में असंतोष बढ़ सकता है। उनके बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
निषाद पार्टी मछुआरा समाज के आरक्षण और उससे जुड़े अधिकारों को लंबे समय से अपना प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाती रही है। पार्टी का कहना है कि समाज को उसका हक दिलाने के लिए ठोस निर्णय जरूरी है। महासम्मेलन के मंच से दिए गए संदेश के जरिए संजय निषाद ने गठबंधन में अपनी राजनीतिक मांगों को लेकर स्पष्ट रुख जाहिर किया। उत्तर प्रदेश में भाजपा और निषाद पार्टी गठबंधन के सहयोगी हैं। ऐसे में संजय निषाद का यह बयान राजनीतिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले सहयोगी दलों की मांगें और सीटों के साथ सामाजिक समीकरणों को लेकर बातचीत तेज होने की संभावना है।
हालांकि, दूसरे राजनीतिक विकल्पों पर विचार करने के संकेत के बावजूद निषाद पार्टी की ओर से गठबंधन छोड़ने का कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा और प्रदेश सरकार क्या रुख अपनाती हैं।