वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अपराध नियंत्रण के लिए योगी सरकार ने पुलिसिंग को तकनीक, जनसहभागिता और त्वरित कार्रवाई से जोड़ने पर जोर दिया है। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत प्रदेश में 12.85 लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। वहीं, महिला सुरक्षा, माफिया के खिलाफ कार्रवाई और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं।
10 जुलाई 2023 से 30 सितंबर 2026 तक लगाए गए सीसीटीवी कैमरे सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इनसे संदिग्धों की पहचान और अपराध से जुड़े साक्ष्य जुटाने में मदद मिल रही है।
महिला सुरक्षा पर विशेष जोर :
प्रदेश के सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं। इसके अलावा 19,045 महिला पुलिसकर्मियों की नियुक्ति और 8,694 महिला बीटों के संचालन से महिलाओं तक पुलिस की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया गया है। एक अप्रैल 2022 से 30 सितंबर 2026 तक एंटी रोमियो अभियान के तहत 87.45 लाख स्थानों पर जांच हुई और 4.83 करोड़ से अधिक व्यक्तियों की जांच की गई। इस दौरान 19,554 मुकदमे दर्ज किए गए।
माफिया की संपत्तियों पर कार्रवाई :
संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई के तहत 4,558 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त या ध्वस्त की गईं अथवा अवैध कब्जे से मुक्त कराई गईं। पुलिस के अनुसार, 68 चिह्नित माफिया और उनके गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई की निगरानी की गई। 20 मार्च 2017 से 30 सितंबर 2026 तक पुलिस मुठभेड़ों में 316 अपराधी मारे गए और 12,821 घायल हुए। इस अवधि में 18 पुलिसकर्मियों की जान गई और 1,949 जवान घायल हुए।
नशे के कारोबार पर भी शिकंजा :
मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में 38,625 मुकदमे दर्ज किए गए। बरामद मादक पदार्थों का अनुमानित मूल्य 3,565 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। वहीं, सी-प्लान ऐप के जरिए 21.32 लाख से अधिक नागरिकों से संवाद किया गया। सरकार ने पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए चिकित्सा सहायता, बीमा और शिक्षा निधि में भी बढ़ोतरी की है। इन प्रयासों का उद्देश्य तकनीक-सक्षम, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित पुलिस व्यवस्था को मजबूत करना है।