वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
अयोध्या / लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में सात नवंबर को आयोजित होने वाले 10वें दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, परंपरा और जनआस्था का महापर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनगरी अयोध्या लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाएगी और देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। दीपोत्सव के दौरान रामायण आधारित विशेष ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 2100 स्वदेशी ड्रोन आसमान में भगवान श्रीराम के जीवन और रामायण के प्रसंगों को जीवंत करेंगे। इसके अलावा सरयू आरती, लेजर शो और हरित आतिशबाजी आयोजन की भव्यता को और बढ़ाएंगे। दीपोत्सव को जनसहभागिता का व्यापक उत्सव बनाने के लिए करीब 35 हजार स्वयंसेवक विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे। वहीं, देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले लगभग एक हजार कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय लोककला, परंपरा और विविधता की झलक पेश करेंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि आयोजन में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य दीपोत्सव के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, भारतीय सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता के संदेश को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाना है।