वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। कैंसर की समय पर पहचान, सटीक जांच और बेहतर इलाज के लिए वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित दिशा-निर्देश तैयार करने में कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट (केएसएसएससीआई), लखनऊ भारत सरकार की मदद करेगा। इसके लिए संस्थान में तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें देश के 20 से अधिक प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला का उद्घाटन संस्थान के निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट ने किया। उन्होंने कहा कि भारत में स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश देश की बीमारियों, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाने चाहिए। इसके लिए देश में अपनी विशेषज्ञता विकसित करना जरूरी है।
सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. आयुष लोहिया ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का उद्देश्य मरीजों को सही और बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। इससे मरीजों को यह समझने में मदद मिलेगी कि उन्हें कोई विशेष जांच या उपचार क्यों दिया जा रहा है। साथ ही वे डॉक्टरों के साथ चर्चा कर अपने इलाज से जुड़े फैसलों में भागीदारी कर सकेंगे। कार्यशाला में वैज्ञानिक शोध की समीक्षा, उपलब्ध प्रमाणों की गुणवत्ता का आकलन और उनके आधार पर उपचार संबंधी सिफारिशें तैयार करने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था के अनुरूप प्रमाण-आधारित दिशा-निर्देश विकसित करने के विभिन्न पहलुओं पर अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में डीएचआर-आईसीएमआर, केजीएमयू लखनऊ, आईसीएमआर-एनआईई चेन्नई, एम्स नई दिल्ली, एम्स गोरखपुर और आईएमएस-बीएचयू वाराणसी समेत कई प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हुए। संस्थान की यह पहल कैंसर की जांच और उपचार में एकरूपता लाने तथा डॉक्टरों को वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर निर्णय लेने में मददगार साबित हो सकती है। इससे मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और देश की जरूरतों के अनुरूप स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग मिलने की उम्मीद है।