वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
अयोध्या। रामनगरी में दसवें दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार अयोध्या में रामपथ के साथ 41 प्रमुख मठ-मंदिरों और धार्मिक स्थलों को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। पारंपरिक झालरों और आधुनिक लाइटिंग के संगम से दीपोत्सव के दौरान अयोध्या का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वैभव निखरेगा। श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद ने इसके लिए धार्मिक स्थलों की सूची तैयार कर ली है। सजावट का काम दीपोत्सव से पहले पूरा करने की योजना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित होने वाले दीपोत्सव को यादगार बनाने के लिए धार्मिक स्थलों की सजावट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। योजना के तहत प्रत्येक स्थल पर जरूरत के अनुसार झालरें और आकर्षक लाइटें लगाई जाएंगी। रात के समय रोशनी से जगमगाते मंदिर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे।
परिषद की सूची में छोटी छावनी मंदिर, वाल्मीकि मंदिर, दिगंबर अखाड़ा, बड़ा भक्त महल, दशरथ महल, जानकी घाट, अशर्फी भवन, लक्ष्मण किला, सुग्रीव किला, रंग महल और क्षीरेश्वर मंदिर समेत कई प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। इसके अलावा रामकोट, रामवल्लभाकुंज, झुनकीघाट मंदिर, नाका हनुमानगढ़ी, उदासीन संगत आश्रम, फटिक शिला, गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड और सहादतगंज हनुमानगढ़ी को भी सजाया जाएगा। पारंपरिक सजावट के साथ आधुनिक लाइटिंग से मंदिरों की स्थापत्य कला और धार्मिक महत्ता को उभारने की तैयारी है। इससे दीपोत्सव के दौरान रामनगरी का रात्रिकालीन दृश्य और आकर्षक होगा।
श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के सीईओ जयेंद्र कुमार ने बताया कि 41 मठ-मंदिरों और धार्मिक स्थलों को पारंपरिक झालरों तथा आधुनिक लाइटिंग से सजाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव से पहले सभी तैयारियां पूरी करने की योजना है। इस पहल से धार्मिक स्थलों की सुंदरता बढ़ने के साथ अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भव्य नजारा देखने को मिलेगा।