वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि की साढ़ेसाती इस समय मेष, कुंभ और मीन राशि पर अलग-अलग चरणों में चल रही है। मेष राशि पर पहला चरण, मीन राशि पर मध्य चरण और कुंभ राशि पर अंतिम चरण माना जा रहा है। शनि के 3 जून 2027 को मेष राशि में गोचर करने के साथ साढ़ेसाती की स्थिति में बदलाव आएगा। ऐसे में 2027 के शुरुआती छह महीनों में इन तीनों राशियों पर वर्तमान स्थिति बनी रहने की बात कही गई है।
मेष राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस अवधि में खर्च और जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। धन से जुड़े मामलों में जोखिम लेने से बचने और कामकाज में बदलाव या नई जिम्मेदारियों के दौरान सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जाती है। अचानक लिए गए फैसलों से परेशानी बढ़ने की आशंका जताई जाती है। उपाय के तौर पर शनिवार को सरसों के तेल में काले तिल मिलाकर शनि मंदिर में दीपक जलाने की मान्यता है।
कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण माना जा रहा है। इस दौरान पहले की अपेक्षा राहत मिलने की उम्मीद जताई जाती है। हालांकि खर्च बढ़ने और पारिवारिक मामलों में सावधानी की जरूरत बताई गई है। शनि से संबंधित वस्तुओं का दान करने का उपाय बताया जाता है।
मीन राशि पर साढ़ेसाती का मध्य चरण चल रहा है। इस दौरान काम का दबाव और जिम्मेदारियां बढ़ने की संभावना बताई जाती है। नौकरीपेशा लोगों को कार्य पर विशेष ध्यान देने और अनावश्यक खर्च से बचने की सलाह दी जाती है। मेहनत से बेहतर परिणाम मिलने की बात भी कही जाती है। उपाय के रूप में सरसों के तेल से छाया दान करने की परंपरा बताई गई है।
ये फलादेश ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं; व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणाम अलग हो सकते हैं।