– मिड-डे मील से लेकर राशन और आयुष्मान योजना तक का उठा मुद्दा
– पीडीए प्रहरियों से वोट बनवाने की अपील
– एसआईआर के बहाने गरीबों के अधिकार छीनने की साजिश कर रही भाजपा : अखिलेश
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जनता के मताधिकार के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ छीनने की साजिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के बहाने गरीबों, वंचितों और शोषितों को उनके अधिकारों से वंचित करने की कोशिश हो रही है। भाजपा को अब वोट से नहीं, बल्कि खोट से चुनाव जीतने की उम्मीद है।
अखिलेश यादव ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के वायरल बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब बच्चों को मिड-डे मील का भोजन भी नहीं मिलेगा, क्योंकि वे वयस्क नहीं हैं और उनके पास वोटर आईडी या ईपीआईसी नंबर नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए मतदाता पहचान जरूरी है तो बच्चों और बुजुर्गों का क्या होगा? उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के बताए आंकड़े के अनुसार प्रदेश के 1.27 करोड़ लाभार्थियों पर इसका असर पड़ सकता है। अन्य प्रभावित लोगों को जोड़ने पर यह संख्या करीब तीन करोड़ तक पहुंच सकती है।
सपा प्रमुख ने कहा कि अधिक उम्र के बुजुर्गों को फिंगरप्रिंट और आंखों की समस्या के कारण बायोमेट्रिक सत्यापन में परेशानी होती है। ऐसे में उन्हें योजनाओं से वंचित करना अन्याय होगा। उन्होंने पीडीए प्रहरियों से केंद्रीय मंत्री का वीडियो जनता तक पहुंचाने और लोगों के वोट बनवाने की अपील की।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि एसआईआर के जरिए नागरिकता और संपत्ति संबंधी अधिकारों पर भी खतरा पैदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से नाम कटने पर राशन, आयुष्मान कार्ड, आवास, गैस सब्सिडी, बैंक खाते और शिक्षा जैसी सुविधाओं पर संकट आ सकता है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर में चोरी और भगवान राम-कृष्ण पर कथित विवादित टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन समाज भाजपा से नाराज है। इसी कारण भाजपा मतदाता सूची के जरिए लोगों को हटाने की साजिश कर रही है। अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा अपने समर्थकों का भरोसा खो चुकी है और आगामी चुनाव में जनता उसे सत्ता से बाहर करेगी।