– 9 नवंबर तक चलेगा दीपोत्सव मेला एवं प्रदर्शनी
– 2,100 ड्रोन ने आकाश में जीवंत की रामायण
– ‘रामभक्तों पर गोली चलाने वाले पहले माफ़ी मांगें’
– उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री को कहा ‘हिंदू हृदय सम्राट’
– राम आदर्श हैं, राम संस्कार हैं- राज्यपाल
– दीपोत्सव से चमकी स्थानीय अर्थव्यवस्था- मंत्री जयवीर सिंह
– 30 लाख दीपों से जगमगाए अयोध्या के 56 घाट
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
अयोध्या। दसवें दीपोत्सव पर रामनगरी अयोध्या ने भव्यता और दिव्यता का नया इतिहास रच दिया। राम की पैड़ी समेत सरयू तट के 56 घाटों पर 36 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला तो बताया गया कि अयोध्या में दीपोत्सव की कोई परंपरा नहीं है। उन्होंने सवाल किया था कि जिस नगरी ने दुनिया को दीपावली दी, वहां अपना दीपोत्सव क्यों नहीं होना चाहिए। आज यह आयोजन वैश्विक पहचान बना चुका है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि रामभक्तों और संतों के संघर्ष तथा कारसेवकों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। रामभक्तों पर गोली चलाने और संतों पर लाठीचार्ज कराने वालों को अयोध्या आने से पहले माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में अब कभी कर्फ्यू नहीं लगेगा। दंगा करने और संतों का अपमान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
योगी ने कहा कि अयोध्या में करीब 40 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं संचालित हैं। विकसित अयोध्या विकास और विरासत के समन्वय का प्रमाण है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हिंदू हृदय सम्राट संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी ने राम मंदिर को हिंदुओं के आत्मसम्मान का प्रतीक बनाया है। उन्होंने दीपोत्सव के भव्य आयोजन की सराहना की।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि राम केवल नाम नहीं, बल्कि विचार, संस्कार और भारत की आत्मा हैं। रामराज्य का अर्थ न्याय, समानता और लोककल्याण पर आधारित समाज है।
आयोजन में 2100 ड्रोन से रामायण प्रसंगों का प्रदर्शन, लेजर शो और प्रोजेक्शन मैपिंग आकर्षण का केंद्र रहे। 2151 अर्चकों ने सरयू महाआरती की। करीब एक हजार कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। 240 से अधिक मंदिरों और मठों तथा 25 प्रमुख चौराहों को भी दीपोत्सव से जोड़ा गया। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि अयोध्या में पर्यटकों की संख्या 2018 के 1.96 करोड़ से बढ़कर 2025 में 29.96 करोड़ पहुंच गई। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव से स्थानीय कारीगरों, कुम्हारों, बाजार और पर्यटन कारोबार को भी नई गति मिल रही है।
दीपोत्सव में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जयवीर सिंह, राकेश सचान, सतीश चंद्र शर्मा, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्या भास्कर, स्वामी धराचार्य, स्वामी राघवाचार्य, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, महंत कमल नयन दास, महंत राम लखन दास, जगद्गुरु सतुआ बाबा सहित अनेक संत और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।