वेब वार्ता ( न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग के सहयोग से देशभर में बिना दावे वाली वित्तीय संपत्तियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक तीन माह का राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य नागरिकों को बैंक जमा, बीमा, शेयर, लाभांश और म्यूचुअल फंड जैसी उनकी बिना दावे वाली संपत्तियों का दावा करने के लिए सक्षम बनाना है। यह अभियान 4 अक्टूबर 2025 को गांधीनगर में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुरू किया गया था।
अभियान का संचालन आरबीआई, सेबी, आईआरडीएआई और आईईपीएफए के साथ मिलकर किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में यह कार्यक्रम राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के समन्वय में प्रत्येक जनपद में आयोजित हो रहा है। इसके तहत चौथे चरण में 21 नवंबर 2025 को अम्बेडकर नगर, अमेठी, बहराइच, बलिया, बांदा, बस्ती, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में शिविर लगाए जाएंगे।
शिविरों में नागरिकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी बिना दावे वाली संपत्तियों का पता लगाने, रिकॉर्ड अपडेट करने और दावा प्रक्रिया पूरी करने का मार्गदर्शन दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि नागरिक या उनके नामांकित व्यक्ति एवं कानूनी उत्तराधिकारी हर वैध राशि का दावा आसानी से कर सकें। शिविरों में वित्तीय समावेशन प्रदर्शनी भी लगेगी, जिसमें बैंक, बीमा कंपनियां और म्यूचुअल फंड संस्थान नागरिकों को विभिन्न वित्तीय उत्पादों की जानकारी उपलब्ध कराएंगे।