वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनता दर्शन में सुनी सैकड़ों लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को लखनऊ स्थित अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों लोगों की समस्याओं को सुना। उन्होंने सभी फरियादियों के व्यक्तिगत तथा सार्वजनिक मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित, प्रभावी और संतुष्टिपूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए।
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग उपस्थित रहे। अधिकांश मामलों में भूमि विवाद, राजस्व से संबंधित समस्याएं, उपचार सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी की दिक्कतें, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए।
श्री मौर्य ने कहा कि जनता दर्शन आमजन से सीधे संवाद का माध्यम है, जिससे जमीनी वास्तविकता का पता चलता है। उन्होंने अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन मामलों में आवश्यकता हो, वहां अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने और पीड़ितों को समयबद्ध राहत देने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंदों और पात्र लोगों को सभी सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर फरियादी की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और कोई भी पीड़ित निराश नहीं लौटे—यही राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
जनसुनवाई के दौरान श्री मौर्य स्वयं फरियादियों के बीच पहुंचे और एक-एक व्यक्ति की समस्या सुनी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर समस्या का पूर्ण समाधान किया जाए, जवाबदेही तय हो और किसी को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजन की शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
लगभग दो दर्जन से अधिक जिलों से आए फरियादियों की समस्याओं पर उन्होंने कई उच्चाधिकारियों से दूरभाष पर बात कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। भूमि विवाद से जुड़े अधिकांश मामलों में संबंधित जिलाधिकारियों को राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर भेजने और समस्या का सार्थक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।