वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। भारतीय रेल की सेमी हाई स्पीड और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन अब सिर्फ गति और आराम का प्रतीक ही नहीं, बल्कि लोक संस्कृति की झलक भी प्रस्तुत कर रही है। छठ के पावन अवसर पर नई दिल्ली और पटना के बीच चल रही विशेष वंदे भारत एक्सप्रेस में शनिवार को यात्रियों ने एक अनोखा अनुभव प्राप्त किया, जब ट्रेन में पारंपरिक छठ गीतों की मधुर धुनें गूंज उठीं।
भारतीय रेल की इस पहल ने यात्रा को त्योहार की उमंग में बदल दिया। ‘केलवा जइबऽ ओ पिनकी के बाबा’, ‘उठू हे अरघ के समय भइल’ जैसे पारंपरिक गीतों की धुनें सुनते ही यात्रियों के चेहरे खिल उठे। अपने-अपने घर छठ मनाने जा रहे यात्रियों ने न केवल इस पहल की सराहना की बल्कि तालियां बजाकर इसका स्वागत भी किया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह अपनी तरह की पहली कोशिश थी, जिसमें लोक आस्था के इस महापर्व को यात्रियों के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। इससे न केवल सांस्कृतिक माहौल बना, बल्कि यात्रा का अनुभव भी बेहद आनंदमय रहा।
गौरतलब है कि फिलहाल पूरे देश में वंदे भारत एक्सप्रेस की 156 सेवाएं परिचालित हैं। नई दिल्ली और पटना के बीच विशेष रूप से संचालित यह वंदे भारत एक्सप्रेस नियमित सेवाओं के अतिरिक्त चलाई जा रही है, ताकि छठ पर्व के अवसर पर यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिल सके।
यात्रियों ने कहा कि रेल प्रशासन का यह सांस्कृतिक प्रयोग उन्हें अपने घर और परंपराओं से और करीब ले आया है। इस पहल ने आधुनिक भारत की तकनीकी प्रगति और उसकी सांस्कृतिक जड़ों के बीच सुंदर सामंजस्य का उदाहरण पेश किया है।