– चुनाव आयोग से मांगा जवाब, मतदाता सूची को आधार से जोड़ने की उठाई मांग
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर मतदाता सूची में फर्जी वोट शामिल कराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि फार्म-6 और फार्म-7 में बदलाव कर दूसरे राज्यों के लोगों के नाम उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में शामिल कराने की तैयारी की जा रही है। चुनाव आयोग को इस मामले में सामने आकर जवाब देना चाहिए और अपनी निष्पक्षता साबित करनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग और निर्वाचन अधिकारी राशन कार्ड धारकों में मतदाता तलाश रहे हैं। उनका दावा है कि 29 तारीख से फार्म-6 में शामिल घोषणा पत्र को हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के चुनावों में भी भाजपा पर बाहरी लोगों के वोट बनवाने और उन्हें मतदान के दौरान एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने के आरोप लगे थे। अब उत्तर प्रदेश में भी ऐसा करने की तैयारी है।
सपा प्रमुख ने मतदाता सूची को आधार कार्ड से जोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि आधार में बायोमेट्रिक और आंखों की रेटिना का विवरण उपलब्ध है। इससे फर्जी मतदान और मतदाता सूची में गड़बड़ी रोकने में मदद मिल सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि चुनाव से पहले राजनीतिक दलों को एक मतदाता सूची दी जाए और मतदान के दिन दूसरी सूची इस्तेमाल की जाए।
अखिलेश ने एसआईआर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची से नाम कटने पर गरीबों को सरकारी योजनाओं से वंचित होने का खतरा है। उन्होंने कहा कि पीडीए की बढ़ती ताकत से भाजपा घबराई हुई है। उन्होंने एसआईआर और एसएसआर में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही मतदाताओं से अपील की कि वे अपने नाम सूची में जरूर जांचें। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाना लोकतंत्र और मतदान के अधिकार को बचाने के लिए जरूरी है।