वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
गोरखपुर। अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, हांगकांग समेत कई देशों के लगभग 1400 विदेशी नागरिकों से ऑनलाइन ठगी के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस संगठित साइबर ठगी रैकेट का संचालन कोलकाता से होने के संकेत मिले हैं। मामले में मास्टरमाइंड समेत पांच फरार आरोपियों की तलाश में चिलुआताल थाने की दो विशेष पुलिस टीमें कोलकाता रवाना की गई हैं। इन टीमों में साइबर सेल के अधिकारी भी शामिल हैं, जो स्थानीय पुलिस के सहयोग से तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देंगी।
एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि ठगों का यह गिरोह विदेशी नागरिकों को कॉल और ऑनलाइन माध्यम से संपर्क करता था। उन्हें स्वास्थ्य बीमा, टैक्स रिफंड और अमेरिका की सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर विभिन्न शुल्क और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी। ठगी की राशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी, जिसे बाद में निकाल लिया जाता था। पुलिस अब तक इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में पश्चिम बंगाल के हुगली जिले का रूपेश सिंह, कोलकाता का अभिषेक पांडेय, तिवारीपुर निवासी हर्ष आर्या, बलरामपुर का सूरज कुमार तिवारी, शंकरपुर देहात कोतवाली क्षेत्र का अश्वनी कुमार मौर्या और लखनऊ की शलोनी यादव शामिल हैं। इन सभी की भूमिका कॉलिंग, खातों के संचालन और रकम के लेन-देन में पाई गई है।
दबिश के दौरान गिरोह के कुछ प्रमुख सदस्य मौके से फरार हो गए थे। फरार आरोपियों में पश्चिम बंगाल के 24 उत्तर परगना स्थित काली पार्क निवासी गौरव पाठक, कोलकाता के एमजी रोड निवासी कृष्णा और विनीत अग्रवाल शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इन्हीं में से कुछ लोग पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड हैं और कोलकाता से रैकेट का संचालन कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि डिजिटल साक्ष्य, बैंक खातों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। साथ ही इस नेटवर्क में और भी लोगों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है, जिनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है।