वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी। गौ माता की रक्षा और संरक्षण के उद्देश्य से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी से ‘गौ प्रतिष्ठार्थ धर्म युद्ध’ यात्रा का शुभारंभ किया। यह यात्रा प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेगी, जहां कांशीराम स्मृति उपवन में बड़ी जनसभा का आयोजन किया जाएगा।
यात्रा की शुरुआत शनिवार सुबह वाराणसी के श्री विद्या मठ से हुई। यात्रा प्रारंभ करने से पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चिंताहरण गणेश मंदिर में दर्शन किए और इसके बाद संकटमोचन हनुमान मंदिर पहुंचकर हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ किया। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद उन्होंने गौ रक्षा के संदेश के साथ यात्रा को आगे बढ़ाया। यात्रा के पहले दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जौनपुर और सुल्तानपुर पहुंचे, जहां उन्होंने सभाओं को संबोधित करते हुए लोगों से गौ संरक्षण के प्रति जागरूक होने की अपील की। उन्होंने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है और उसकी रक्षा करना समाज की जिम्मेदारी है। पहले दिन की यात्रा के बाद वह रात में रायबरेली में विश्राम करेंगे। यात्रा के अगले चरण में 8 मार्च को स्वामी रायबरेली से उन्नाव के लिए रवाना होंगे और वहां एक रात रुकेंगे। 9 मार्च को यात्रा हरदोई पहुंचेगी, जहां स्वामी स्थानीय लोगों के साथ गौ संरक्षण के महत्व पर चर्चा करेंगे। इसके बाद 10 मार्च को यात्रा सीतापुर पहुंचेगी, जहां स्वामी नैमिष तीर्थ में श्रद्धालुओं से मिलकर गौ संरक्षण के लिए जनजागरण करेंगे। यात्रा का समापन 11 मार्च को लखनऊ में होगा। इस दिन कांशीराम स्मृति उपवन में दोपहर एक बजे आयोजित जनसभा में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद साधु-संतों और श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने और उसके संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरण किया जाएगा।
वाराणसी से शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत और स्थानीय लोग शामिल हो रहे हैं। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।