वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी। संसद में प्रस्तावित ट्रांसजेंडर अधिकार संशोधन बिल 2026 के विरोध में शुक्रवार को वाराणसी में किन्नर और ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। बनारस क्वियर-ट्रांस और किन्नर संगठनों के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ट्रांस नागरिक शामिल हुए और बिल को तत्काल रद्द करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रस्तावित संशोधन ट्रांसजेंडर और जेंडर-डाइवर्स लोगों की गरिमा, स्वायत्तता और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है। उनका आरोप है कि यह बिल उनकी पहचान को नियंत्रित करने का प्रयास करता है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रदर्शन के दौरान समुदाय के लोगों ने नारेबाजी करते हुए अपनी आवाज बुलंद की और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की।
किन्नर समाज की प्रतिनिधि सलमा चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि किसी व्यक्ति की लैंगिक पहचान तय करने का अधिकार स्वयं उस व्यक्ति का होना चाहिए, न कि सरकार का। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “आप किस लिंग के हैं, यह आप तय करेंगे या सरकार?” उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी कानून जो उनकी पहचान और स्वतंत्रता को सीमित करता है, उसे समुदाय कभी स्वीकार नहीं करेगा।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से अपील की कि प्रस्तावित ट्रांसजेंडर अधिकार संशोधन बिल 2026 को वापस लिया जाए और समुदाय के साथ संवाद कर उनकी सहमति से ही किसी भी प्रकार का कानून बनाया जाए। इस दौरान प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन समुदाय के लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला।