वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान के जन्मोत्सव रामनवमी पर अयोध्या में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही लाखों श्रद्धालु पवित्र सरयू नदी में स्नान के लिए पहुंचने लगे और सुबह 9 बजे तक करीब 10 लाख से अधिक लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। रामनगरी का पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और हर ओर जय श्रीराम के उद्घोष गूंजते रहे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने राम जन्मभूमि मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
भगवान श्रीराम के जन्म के शुभ क्षण पर पूरे शहर में उल्लास का वातावरण छा गया। मंदिरों में ‘भए प्रकट कृपाला दीनदयाला’ जैसे भक्ति गीतों की गूंज सुनाई दी। साधु-संतों ने राम पथ और राम जन्मभूमि पथ पर श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। जगह-जगह बधाई गीत गाए गए, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्ति और उत्साह से भर गया। कनक भवन और हनुमान गढ़ी में श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते और नाचते नजर आए। रामभक्तों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ रामलला का जन्मोत्सव मनाया। इस दौरान मौसम ने भी करवट ली और सुबह हल्की बारिश के कारण ठंडक का एहसास रहा, जिससे श्रद्धालुओं को राहत मिली।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात, सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं के लिए पहले से व्यापक तैयारियां की थीं। पूरे शहर में व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहीं। अनुमान है कि इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में अधिक संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं।
रामनवमी के इस पावन अवसर पर अयोध्या पूरी तरह भक्ति, आस्था और उत्सव के रंग में रंगी नजर आई, जहां हर कोई भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव की दिव्यता का साक्षी बना।