– मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीरामलला के पावन प्राकट्योत्सव पर उनके बाल स्वरूप की पूजा-अर्चना की तथा झूला झूलाया
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि वासंतीय और शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान की भावना को सशक्त करने के लिए डबल इंजन सरकार ‘मिशन शक्ति’ के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे कार्यक्रम प्रभावी ढंग से संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री वासंतीय नवरात्रि की नवमी के अवसर पर श्री गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विधि-विधान से कन्याओं के चरण पखारकर उनका पूजन किया, उन्हें भोजन कराया तथा दक्षिणा और उपहार भेंट किए। इस दौरान बटुक भैरव का पूजन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की पूर्णाहुति और रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि में माँ भगवती के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और नवमी तिथि को कन्या पूजन मातृशक्ति के प्रति सनातन परंपरा का प्रतीक है। यह पर्व समाज को संकल्प और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चैत्र शुक्ल नवमी का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान का जन्मोत्सव रामनवमी के रूप में मनाया जाता है, जो भारतीय जीवन मूल्यों के आदर्श प्रतीक हैं।
उन्होंने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण और 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री द्वारा रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हर सनातन धर्मावलंबी के लिए गर्व और आस्था का विषय है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सुरक्षा का मजबूत माहौल, गरीब कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप की पूजा-अर्चना की तथा गोरखनाथ चिकित्सालय में आरओ मशीन का लोकार्पण भी किया।