वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
कानपूर। शहर में 1600 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन के मामले ने तूल पकड़ लिया है। HDFC बैंक की लालबंगला शाखा के प्रबंधक और कर्मचारियों के खिलाफ चकेरी पुलिस ने गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि पुलिस द्वारा कई बार नोटिस देने के बावजूद बैंक प्रबंधन ने जरूरी जानकारी साझा नहीं की, जिससे जांच प्रभावित हुई।
पुलिस के अनुसार, यह मामला 16 फरवरी को श्यामनगर क्षेत्र में हुई लूट की घटना की जांच के दौरान सामने आया। जांच में आरोपियों वासिद और अरशद की गतिविधियों की पड़ताल करते समय करोड़ों के लेन-देन का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ। जांच में सामने आया कि ‘पप्पू छुरी’ गैंग और उससे जुड़े लोगों ने शहर के विभिन्न बैंकों के माध्यम से करीब 1600 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह मामला हवाला या बड़े साइबर फ्रॉड से जुड़ा हो सकता है।
विवेचक उपनिरीक्षक कुलदीप के मुताबिक साइबर क्राइम थाने के माध्यम से 24 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच संबंधित बैंक को कई बार विधिक नोटिस और रिमाइंडर भेजे गए थे। इसमें संदिग्ध खातों और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बैंक की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। पुलिस ने इसे जांच में बाधा और सरकारी आदेश की अवहेलना मानते हुए गुरुवार रात शाखा प्रबंधक और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। थाना चकेरी प्रभारी के अनुसार मामले के मुख्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए चार टीमों का गठन किया गया है।
पुलिस अब उन अन्य बैंकों की भी जानकारी जुटा रही है, जहां से इस गिरोह ने लेन-देन किया। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर अन्य बैंक कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।