वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री गोरखनाथ मंदिर में आयोजित होली मिलन समारोह में हिस्सा लेकर प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों पर फूल बरसाकर होली खेली और कहा कि यह पर्व समरसता, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होली का यह महान पर्व देश और दुनिया में जहां कहीं भी सनातन धर्मावलंबी रहते हैं, वहां उमंग और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक पूरा देश रंगोत्सव में सराबोर है। उन्होंने कहा कि होली का सबसे बड़ा संदेश यह है कि इसमें कोई छोटा-बड़ा नहीं होता, न कोई भेदभाव और न ही छुआछूत। सभी लोग एक-दूसरे से गले मिलकर इस पर्व को मनाते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी ऋषि परंपरा ने महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक घटनाओं को पर्व-त्योहार के रूप में सुरक्षित रखा, जिससे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलती रहे। होली, दीपावली, रक्षाबंधन, रामनवमी और नवरात्र जैसे पर्व समाज को सामूहिकता का भाव सिखाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक लाख 61 हजार से अधिक स्थानों पर शांतिपूर्वक होलिका दहन संपन्न हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्सव का वातावरण तभी बनता है जब समाज में शांति और सुरक्षा हो। दुनिया के कई हिस्सों में अराजकता और संघर्ष का माहौल है, लेकिन भारत सुरक्षित और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ‘नेशन फर्स्ट’ के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति जब अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करता है, वही सच्ची राष्ट्रभक्ति है।
उन्होंने कहा कि होली का पर्व हमें नए संकल्प और उत्साह के साथ अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है।