वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। 86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) 19 जनवरी, 2026 से उत्तर प्रदेश विधानसभा, लखनऊ में प्रारंभ होगा। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के उद्घाटन भाषण के साथ किया जाएगा। उद्घाटन सत्र को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला संबोधित करेंगे। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना स्वागत भाषण देंगे, जबकि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश तथा उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय भी अपने विचार रखेंगे।
19 से 21 जनवरी, 2026 तक चलने वाले इस सम्मेलन में देशभर से आए पीठासीन अधिकारी, विधानसभाओं एवं विधान परिषदों के अध्यक्ष, सभापति और सचिवगण भाग लेंगे। सम्मेलन के दौरान विधायी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही विधायकों की क्षमता निर्माण, कार्यकुशलता बढ़ाने और लोकतांत्रिक शासन को और अधिक सुदृढ़ करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन होगा। जनता के प्रति विधायिका की जवाबदेही को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। सम्मेलन का समापन 21 जनवरी, 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समापन संबोधन के साथ होगा। समापन सत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह और विधानसभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
उल्लेखनीय है कि 86वें AIPOC से पूर्व लखनऊ में अखिल भारतीय विधायी निकायों के सचिवों का 62वां सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा, जिससे विधायी संस्थाओं के बीच समन्वय और अनुभवों का आदान-प्रदान और सशक्त होगा।