वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। ऑपरेशन चक्र-VI के तहत सीबीआई ने डिजिटल अरेस्ट से जुड़े तीन मामलों में देशभर के 20 राज्यों में 89 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी ने बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं।
सीबीआई की जांच में सामने आया कि साइबर ठग खुद को पुलिस और अन्य सरकारी विभागों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे। इसके बाद उन्हें डिजिटल तरीके से हिरासत में लिए जाने का झांसा देकर लंबे समय तक वीडियो कॉल और ऑनलाइन माध्यमों से निगरानी में रखा जाता था। जांच के दौरान बैंक खातों और ऑनलाइन गतिविधियों के विश्लेषण के आधार पर संदिग्ध ठिकानों की पहचान की गई, जिसके बाद देशव्यापी कार्रवाई की गई।
सीबीआई के मुताबिक, पहले मामले में BITS Pilani से जुड़े एक व्यक्ति को करीब तीन महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 7.67 करोड़ रुपये ठगे गए। दूसरे मामले में गुजरात के पीड़ित से करीब तीन महीने में 19.24 करोड़ रुपये की ठगी हुई। तीसरे मामले में कर्नाटक के एक व्यक्ति को करीब एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 15.45 करोड़ रुपये ठगे गए। कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपितों की भूमिका ठगी की रकम हासिल करने और उसे दूसरे खातों में स्थानांतरित करने में सामने आई है। हरियाणा निवासी आकाश पर अपने खाते में 1.95 करोड़ रुपये मंगाकर उसी दिन अन्य खातों में भेजने का आरोप है। कोलकाता के राजा कर्मकार की फर्म के खाते में 1.50 करोड़ रुपये पहुंचने की जानकारी मिली है। ज्योति रानी के खाते में भी ठगी की रकम पहुंचने और उसके कुछ हिस्से को नकद निकालकर बाकी रकम दूसरे खातों में भेजने का आरोप है।
सीबीआई जब्त डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।