वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, भेदभाव रहित पीएलआई योजना लागू करने और लंबित मांगों के समाधान को लेकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंककर्मियों ने आंदोलन तेज कर दिया है। यूनाइटेड फोरम के आह्वान पर मंगलवार को राजधानी समेत देशभर में बैंकों की शाखाओं और कार्यालयों में व्यापक पोस्टर अभियान चलाकर विरोध दर्ज कराया गया। बैंककर्मियों ने केंद्र सरकार से मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।
फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि मांगों को लेकर 27 अगस्त को पीएनबी, अशोक मार्ग पर प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद 30 अगस्त को देशव्यापी एक्स अभियान चलाया गया, जो एक नंबर पर ट्रेंड करता रहा। अब आंदोलन को अगले चरण में ले जाते हुए बैंकों में पोस्टर अभियान चलाया गया। अभियान में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया समेत विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों ने भाग लिया। बैंक शाखाओं और कार्यालयों में लगाए गए पोस्टरों के माध्यम से कर्मचारियों ने अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में आठ सितंबर को बैंक कर्मचारी काला बैज धारण कर विरोध जताएंगे। इसके बाद 11 सितंबर को एक दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है।
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत उनकी प्रमुख मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। फोरम ने केंद्र सरकार से वार्ता कर लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। बैंक हड़ताल के कारण 11 सितंबर को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।