वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फर्रुखाबाद की बाढ़ प्रभावित सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसीलों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 102 गांवों के बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ प्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है। आपदा की इस घड़ी में प्रभावित लोगों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और जरूरत के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री किट, आपदा मोचक निधि से सहायता राशि तथा आश्रयहीन और बाढ़ में घर या भूमि गंवाने वाले परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों तक करीब 50 किलोग्राम की राहत किट पहुंचाई जा रही है। इसमें चावल, आटा, आलू, दाल, चना, लाई, तेल, मसाले, बाल्टी, बरसाती और डिग्निटी किट समेत करीब 50 प्रकार की सामग्री शामिल है।
योगी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियां और राहत शिविर संचालित हैं। बच्चों की पढ़ाई के लिए राहत शिविरों और गांवों में विशेष कक्षाएं तथा स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। पशुओं के लिए चारा, वैक्सीन और दवाओं की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने अस्पतालों में एंटी-वेनम और एंटी-रेबीज वैक्सीन समेत पर्याप्त दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने गंगा के उथले होने को बाढ़ की समस्या का प्रमुख कारण बताते हुए पूरे क्षेत्र में नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन की योजना युद्धस्तर पर तैयार करने के निर्देश दिए। ड्रेजिंग से निकली सामग्री का उपयोग तटबंध निर्माण में किया जाएगा। किसानों की भूमि प्रभावित होने पर उचित मुआवजा देने की बात भी उन्होंने कही।
उन्होंने बाढ़ से प्रभावित फसलों का सर्वे कराकर रिपोर्ट मिलते ही किसानों को डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि देने के निर्देश दिए। साथ ही पानी उतरते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और निर्माण कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्रुखाबाद की कनेक्टिविटी, एक्सप्रेस-वे, सड़क और पुलों के विकास के साथ सरकार क्षेत्र को बाढ़ संकट से स्थायी राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य प्रांशुदत्त द्विवेदी, विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, सुशील कुमार शाक्य, नागेन्द्र सिंह राठौर तथा डॉ0 सुरभी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।