वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। कई टोल प्लाजा पर एनएचएआई के अधिकृत सॉफ्टवेयर के समानांतर गुप्त सॉफ्टवेयर चलाकर करोड़ों रुपये की वसूली के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की लखनऊ जोनल टीम ने सात राज्यों में एक साथ छापेमारी करते हुए वाराणसी समेत 14 ठिकानों पर तलाशी ली। कार्रवाई में शिवा बिल्डटेक के मालिकों और उनसे जुड़े परिसरों को भी निशाना बनाया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, 200 से अधिक टोल प्लाजा पर एनएचएआई की व्यवस्था के समानांतर कथित तौर पर दूसरा सॉफ्टवेयर संचालित किया जा रहा था। इसके जरिए टोल से होने वाली वसूली में बड़े पैमाने पर हेराफेरी किए जाने का संदेह है। प्रारंभिक जांच में करीब 100 करोड़ रुपये के खेल की बात सामने आई है।
ईडी की यह कार्रवाई मिर्जापुर के अतरौला टोल प्लाजा पर एसटीएफ द्वारा किए गए खुलासे के बाद सामने आई है। एसटीएफ की जांच में टोल वसूली की समानांतर व्यवस्था और सॉफ्टवेयर के जरिए गड़बड़ी का मामला सामने आया था। इसी आधार पर ईडी ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए सात राज्यों में एक साथ छापेमारी की। तलाशी के दौरान ईडी की टीमों ने संदिग्ध दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि समानांतर सॉफ्टवेयर के जरिए कितने टोल प्लाजा पर वसूली की गई और इस रकम का नेटवर्क किन लोगों तक पहुंचा। छापेमारी से टोल वसूली व्यवस्था में बड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच तेज हो गई है।