वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय सम्मेलन में पार्टी ने शक्ति प्रदर्शन के साथ समाजवादी पार्टी को भी सियासी संदेश देने की कोशिश की। रालोद अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की मौजूदगी में नेताओं ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कोई भी सरकार रालोद की मदद के बिना नहीं बन सकेगी। मंच से रालोद पर टिप्पणी करने वालों को भी जवाब दिया गया।
सम्मेलन में स्नातक राजनीति से जुड़े रालोद नेता बीके शुक्ला ने कहा कि रालोद पर टिप्पणी करने वाले समझ लें कि उत्तर प्रदेश में असली चौधरी आ गया है। उनके इस बयान को सपा के लिए सीधे संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने जयंत चौधरी के सामने युवाओं और वित्तविहीन शिक्षण संस्थानों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। बीके शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में 50 से 55 प्रतिशत निजी कॉलेज हैं और शिक्षा व्यवस्था का बड़ा बोझ इन्हीं संस्थानों पर है। वित्तविहीन कॉलेजों को सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिलती। उन्होंने जयंत चौधरी से मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इन संस्थानों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए मानदेय की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह रालोद किसानों के हितों की लड़ाई लड़ता रहा है, उसी तरह युवाओं के हितों के लिए भी संघर्ष करना चाहिए।
दरअसल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट राजनीति के जरिए मजबूत पहचान रखने वाला रालोद अब प्रदेश के अन्य हिस्सों में अपना आधार बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसी रणनीति के तहत लखनऊ में सम्मेलन आयोजित कर ब्राह्मण मतदाताओं के बीच भी पहुंच बनाने का प्रयास किया गया।
इस मौके पर रालोद के कार्यकारी अध्यक्ष अनुपम मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोई भी सरकार रालोद के बिना नहीं बन पाएगी। रालोद केवल पश्चिम नहीं बल्कि पूर्व और मध्य में भी सफल होगी।रालोद के केंद्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्य अनिल दुबे ने कहा कि आज पार्टी का विस्तार हुआ है। पूर्वांचल में रालोद के कदम हैं। यहां भी रालोद के प्रतिनिधि नर आयेंगे। चौधरी साहब ने जमीन तैयार की थी, जिसकी फसल कुछ लोग काट ले गए।