– दवा कहां तैयार हुई?
– उसकी पैकेजिंग कहां की गई?
– असली कंपनी के नाम वाले पैकेट और सील कैसे तैयार हुए?
– लेबल और पैकिंग का सामान कहां से आया?
– दवा की सीलिंग के लिए किस तरह की मशीनरी इस्तेमाल हुई?
– इस पूरे नेटवर्क को चलाने वाला मास्टरमाइंड कौन है?
– सिर्फ अहमदाबाद नहीं, दूसरे शहर भी निशाने पर
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में ब्लड प्रेशर की नकली दवा का बड़ा मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच और फूड एंड ड्रग्स विभाग की संयुक्त कार्रवाई में करीब 1200 स्ट्रिप नकली दवा बरामद की गई हैं। जांच में सामने आया है कि पिछले करीब चार महीनों में 1500 स्ट्रिप पहले ही बाजार में बेची जा चुकी थीं। एक स्ट्रिप में 10 टैबलेट होने के कारण करीब 15 हजार नकली गोलियां मरीजों तक पहुंचने की आशंका है। मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने सभी को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
मामले की शुरुआत अहमदाबाद के सैटेलाइट क्षेत्र स्थित लीलावती फार्मेसी एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड से हुई। यहां ब्लड प्रेशर की दवा के नकली होने की शिकायत मिलने के बाद फूड एंड ड्रग्स विभाग ने जांच शुरू की। दवा के पैकेट पर भरूच की एक कंपनी का नाम और बैच नंबर दर्ज था, लेकिन जांच में उसी नाम और बैच की नकली दवा बाजार में खपाए जाने का पता चला।
जांच आगे बढ़ी तो नकली दवा के तार उत्तर प्रदेश के लखनऊ से जुड़ गए। पुलिस के अनुसार देवेंद्र यादव और उमंग रस्तोगी गुजरात में नकली दवा का स्टॉक पहुंचा रहे थे। यह स्टॉक पहले उत्तराखंड से लखनऊ आया था और फिर अलग-अलग शहरों में भेजा गया। कुल 3600 स्ट्रिप की खेप तैयार हुई थी, जिसमें 2700 अहमदाबाद और 900 मैसूर भेजी गई थीं। अहमदाबाद पहुंची खेप में से 1200 स्ट्रिप बरामद हुईं, जबकि 1500 स्ट्रिप पहले ही बिक चुकी थीं।
पुलिस के मुताबिक, अहमदाबाद के मेडिकल स्टोर संचालक दर्शिल संघवी ने कथित तौर पर 18 प्रतिशत कमीशन के लालच में नकली दवा खरीदी और इसे करीब 11 मेडिकल स्टोर तक पहुंचाया। सूरत, भावनगर, नडियाद और भुज में भी इसकी सप्लाई की जानकारी सामने आई है।
क्राइम ब्रांच की चार टीमें अलग-अलग राज्यों में जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली दवा तैयार और पैक कहां की गई, असली कंपनी के नाम की पैकेजिंग कैसे तैयार हुई और इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है। पुलिस के अनुसार नेटवर्क के तार गुजरात, उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक जुड़े हैं।