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पांच दिवसीय बैंकिंग समेत मांगों को लेकर बैंककर्मियों का प्रदर्शन, 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, भेदभाव रहित पीएलआई योजना समेत लंबित मांगों को लेकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने गुरुवार को अशोक मार्ग स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर जोरदार संयुक्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मांगें पूरी करने की अपील करते हुए आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी।
फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि बैंककर्मी अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। पिछले वर्ष नवंबर से तीन माह तक प्रदर्शन, धरना, रैली और एक्स अभियान चलाए गए। इसके बाद 27 जनवरी 2026 को एक दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल भी की गई, लेकिन मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते फोरम की केंद्रीय समिति ने दोबारा आंदोलन का निर्णय लिया है।
प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा में प्रदेश संयोजक वाईके अरोड़ा, डीके सिंह, लक्ष्मण सिंह, एसके संगतानी, वीके माथुर, संदीप सिंह, अशोक अग्रवाल, सचिन केसरवानी और स्वाति सिंह समेत विभिन्न घटक संगठनों के बैंक नेताओं ने केंद्र सरकार को लंबे संघर्ष की चेतावनी दी। नेताओं ने कहा कि इस बार बैंक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
बैंक नेताओं ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था कर्मचारियों के साथ-साथ बैंकिंग क्षेत्र के कामकाज को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। वहीं, पीएलआई योजना में किसी तरह के भेदभाव को समाप्त करने की भी मांग की गई।
फोरम के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में 30 अगस्त को एक्स अभियान, तीन सितंबर को पोस्टर अभियान और आठ सितंबर को काला बैज धारण किया जाएगा। इसके बाद 11 सितंबर को एक दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल प्रस्तावित है। नेताओं ने कहा कि सरकार ने समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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