वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ/नई दिल्ली। नेपाल में फ्लैश फ्लड से मची भारी तबाही के बीच भारत सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। नेपाल में फंसे 21 भारतीय तीर्थयात्रियों को नेपाल सेना ने सुरक्षित निकाल लिया। काठमांडू से ये सभी इंडिगो की उड़ान से रविवार को दिल्ली पहुंचे, जहां विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उनसे मुलाकात की। उन्होंने बताया कि नेपाल में अभी करीब 315 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है। सरकार नेपाल के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और नागरिकों की सुरक्षित वापसी के प्रयास जारी हैं।
विदेश मंत्री के अनुसार, नेपाल सेना ने मुश्किल परिस्थितियों में 21 भारतीय तीर्थयात्रियों का रेस्क्यू कर उन्हें काठमांडू पहुंचाया। इसके बाद भारतीय दूतावास ने उनकी भारत वापसी की व्यवस्था की। नेपाल में अलग-अलग स्थानों से करीब 85 भारतीयों को अब तक सुरक्षित निकाला जा चुका है। सरकार की प्राथमिकता शेष भारतीयों से संपर्क स्थापित कर उन्हें सुरक्षित निकालना है। इधर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि चीन की ओर करीब 400 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। सभी सुरक्षित हैं और अपने परिवारों के संपर्क में हैं। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास भी स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर उनकी सुरक्षित निकासी की योजना पर काम कर रहा है। चीन के तिब्बत क्षेत्र से 93 भारतीय नेपाल पहुंच चुके हैं।
भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजने का अभियान भी तेज किया है। 26 अगस्त को पहली खेप में करीब 10 टन राहत सामग्री भेजी गई थी। इसमें अस्थायी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाएं शामिल थीं। 27 अगस्त को भेजी गई दूसरी खेप में करीब 37.5 टन सामग्री थी, जिसमें टेंट, जनरेटर, पानी निकालने वाले पंप, किचन सेट, दवाएं और खाद्य सामग्री शामिल थी। अब तीसरी खेप भेजने की तैयारी है, जिसमें करीब 12 से 13 टन राहत सामग्री होगी। नेपाल के अनुरोध पर भारत टनल रेस्क्यू टीम भी भेजेगा। पहले रिकॉनिसेंस टीम मौके की स्थिति का आकलन करेगी, जिसके बाद विशेषज्ञ और मेडिकल टीम भेजने की तैयारी है।