वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय अपने संस्थापकों की दूरदृष्टि को साकार करते हुए ज्ञान, चिकित्सा, कृषि, कौशल, शोध और नवाचार का एकीकृत केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय को केवल डिग्री प्रदान करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान देने वाले ज्ञान एवं नवाचार केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनानी होगी। प्रयोगशालाओं और कक्षाओं में तैयार होने वाला ज्ञान किसानों, मरीजों, उद्योगों और युवा उद्यमियों तक पहुंचे, तभी शिक्षा की सार्थकता सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के पंचम स्थापना दिवस और सप्त दिवसीय व्याख्यानमाला के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया। साथ ही प्रो. अनुकीर्ति राज की पुस्तकों ‘नेशन एंड एक्सप्रेशन’ तथा ‘अमृतकाल और राष्ट्रवाद’ का विमोचन किया।
योगी ने कहा कि पांच वर्षों में विश्वविद्यालय ने तीन विधाओं से शुरुआत कर लगभग 53 विषयों एवं पाठ्यक्रमों तक विस्तार किया है। अब शोध, नवाचार, स्टार्टअप, उद्योग सहभागिता और रोजगार सृजन को गतिविधियों का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक शोध व तकनीक से, जबकि कृषि को ड्रोन, मृदा परीक्षण, स्मार्ट सिंचाई और प्रसंस्करण जैसी तकनीकों से जोड़ने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से जॉब सीकर के साथ जॉब क्रिएटर बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से कौशल, कौशल से क्षमता, क्षमता से अवसर और नवाचार से उद्यमिता तक की यात्रा ही विकास का आधार बनेगी। विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं का शोध गांवों, किसानों, अस्पतालों और उद्योगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार, विश्वविद्यालय, उद्योग और युवाओं की साझेदारी से ज्ञान से नवाचार, नवाचार से उद्यम और उद्यम से रोजगार का चक्र मजबूत होगा। गोरखपुर को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और नवाचार के बड़े क्षेत्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इस अवसर पर गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ला, विधानसभा सदस्य महेंद्र पाल सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी तथा महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ0 भूपेश कुमार गोयल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।