वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
कुशीनगर। नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भूस्खलन के बाद भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ का असर नारायणी नदी पर भी पड़ा है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से कुशीनगर और बिहार के बगहा क्षेत्र के नदी पार बसे गांवों में बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। स्थिति को देखते हुए कुशीनगर जिला प्रशासन ने मरचहवा, शिवपुर समेत आसपास के गांवों को खाली कराने के निर्देश दिए हैं। गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। प्रशासन के अनुसार अगले दो घंटे में नारायणी नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। बाढ़ खंड ने अपने कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया है। बांधों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए खड्डा पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने खड्डा विकासखंड के ग्राम शिवपुर में पहुंचकर ग्रामीणों को स्थिति की जानकारी दी और सतर्क रहने की अपील की। अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करते हुए समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
जिलाधिकारी ने बताया कि नेपाल में भूस्खलन और बाढ़ के घटनाक्रम को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। राहत एवं बचाव की तैयारियों की भी निगरानी की जा रही है। बिहार के बगहा पुलिस प्रशासन ने भी नारायणी के बढ़ते जलस्तर को लेकर अलर्ट जारी किया है। नदी किनारे बसे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ पर चिंता जताई है। उन्होंने प्रभावित लोगों की सुरक्षा की कामना करते हुए महराजगंज और कुशीनगर में गंडक व नारायणी नदियों के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने तथा आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।