वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में सोमवार को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त ने बताया कि विभाग में प्रदेश का पहला पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन सेंटर संचालित है, जहाँ सांस के मरीजों को निःशुल्क फिजियोथेरेपी उपलब्ध कराई जाती है। अब तक 2000 से अधिक रोगियों को इस सुविधा का लाभ मिल चुका है। मरीजों की सुविधा के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन केजीएमयू की कुलपति पद्मश्री प्रो. सोनिया नित्यानंद ने किया। उन्होंने घोषणा की कि अब फिजियोथेरेपी के विद्यार्थियों के लिए दो सप्ताह का पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। कुलपति ने कहा कि नैक टीम ने भी इस केंद्र की सराहना की थी। पैरामेडिकल डीन डॉ. के.के. सिंह ने बताया कि इस निर्णय को जल्द लागू किया जाएगा।
सेंटर के सह-प्रभारी डॉ. अंकित कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को सांस की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने वाले विशेष व्यायामों की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में डॉ. अजय कुमार वर्मा और डॉ. पूनम तिवारी ने भी अपने विचार रखे।
ज्ञात हो कि इस केंद्र में डॉ. शिवम श्रीवास्तव, डॉ. प्रकृति मिश्रा, दिव्यानी गुप्ता और पवन कुमार पाण्डेय सहित चार सदस्यीय टीम कार्यरत है। कार्यक्रम में लगभग 200 चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट और विद्यार्थी शामिल हुए।