वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
टोक्यो/लखनऊ। उत्तर प्रदेश को भविष्य की अर्थव्यवस्था का वैश्विक केंद्र बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान दौरे के पहले दिन टोक्यो में निवेश संवाद की मजबूत शुरुआत की। उन्होंने जापान की अग्रणी वैश्विक ट्रेडिंग एवं निवेश कंपनी Mitsui & Co., Ltd. के मैनेजिंग ऑफिसर व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बिजनेस यूनिट) काजुकी शिमिजु से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश में परिवर्तनकारी निवेश के लिए औपचारिक आमंत्रण दिया। बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा, आईसीटी, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे उभरते क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सोलर, बायो-एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण, आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, चिप निर्माण तथा हाइपर-स्केल डेटा सेंटर जैसी परियोजनाओं में निवेश की संभावनाएं रेखांकित कीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क और उद्योग समर्थक नीतियों के कारण निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने Konoike Transport Co., Ltd. के सीनियर मैनेजिंग एग्जीक्यूटिव ऑफिसर शीगेकी तानाबे के साथ भी विस्तृत बैठक की। वार्ता में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग में निवेश के अवसरों पर गंभीर विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क को जापानी कंपनियों के लिए सुनहरा अवसर बताते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार सिंगल विंडो क्लियरेंस और समयबद्ध स्वीकृति की पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराती है।
टोक्यो पहुंचने पर मुख्यमंत्री का गरिमापूर्ण स्वागत किया गया। यामानाशी प्रांत के वाइस गवर्नर जुनिचि इशिदरा तथा जापान में भारत की राजदूत नगमा एम मलिक सहित भारतीय समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश जारी कर कहा कि उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि को प्रभु श्रीराम की पावन धरा के ‘आदित्य’ का नमस्कार। उनकी यह यात्रा भारत-जापान आर्थिक सहयोग को जमीनी स्तर पर नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।