वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राजधानी के गोमतीनगर स्थित बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर 25 फरवरी को आयकर विभाग की छापेमारी के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह के घर करीब 30 अधिकारियों की टीम ने पहुंचकर वित्तीय दस्तावेजों की जांच शुरू की। सुबह से चल रही इस कार्रवाई के दौरान आवास के बाहर पुलिस बल भी तैनात रहा।
छापेमारी की खबर सामने आते ही विधायक के समधी और प्रदेश सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि उमाशंकर सिंह पिछले ढाई वर्ष से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और वर्तमान में आइसोलेशन में हैं। मंत्री ने कहा कि इस समय विधायक के लिए जिंदगी और मौत से संघर्ष ही सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में उनके घर छापेमारी की कार्रवाई मानवीय संवेदनाओं के अनुरूप कैसे मानी जा सकती है। मंत्री के अनुसार विधायक की तबीयत इतनी नाजुक है कि उनके कमरे में नर्स और मेडिकल स्टाफ के अलावा किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारी के कारण उनका कारोबार लगभग ठप हो चुका है और पूरा समय इलाज में व्यतीत हो रहा है। विधानसभा सत्र में भी वह शामिल नहीं हो पा रहे हैं। दिनेश प्रताप सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा कि यदि इस तनावपूर्ण माहौल में विधायक के स्वास्थ्य को कोई नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित संस्थाओं पर होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि न्यायालय भी गंभीर बीमारी की स्थिति में मानवीय आधार पर राहत देते हैं। ऐसे समय में की गई कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है। उल्लेखनीय है कि उमाशंकर सिंह वर्तमान विधानसभा में बसपा के एकमात्र विधायक हैं। आयकर विभाग की इस कार्रवाई से प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।