– सरोजनीनगर सीट से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने भी बिजली प्रबंधन को लेकर सवाल उठाते हुए ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखा है।
– भाजपा विधायक नीरज बोरा भी बिजली की खराब व्यवस्था और अघोषित कटौती को लेकर सरकार को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी दर्ज करा चुके हैं।
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के बीच बिजली संकट ने आम लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है, जिसके चलते बिजली की मांग ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर के कारण शहरों से लेकर गांवों तक बड़े पैमाने पर बिजली कटौती हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है।
बिजली संकट को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। मायावती ने सोशल मीडिया पर कहा कि भीषण गर्मी में बिजली कटौती से गरीब और मध्यम वर्ग का जीवन अत्यंत कष्टदायक हो गया है। वहीं अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में बिजली की मांग और दाम तो बढ़ रहे हैं, लेकिन आपूर्ति नहीं।
राजधानी लखनऊ सहित पूर्वांचल और बुंदेलखंड के कई जिलों में हालात गंभीर बने हुए हैं। शहरी क्षेत्रों में रात-रात भर बिजली गुल रहने की शिकायतें मिल रही हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट भी गहराता जा रहा है। दुबग्गा पावर हाउस के अंतर्गत पारा के मोहन रोड स्थित मॉडर्न पिंक सिटी इलाके में चार दिनों से आपूर्ति बाधित रहने से लोगों में भारी आक्रोश है। नाराज स्थानीय निवासियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और चक्काजाम कर बिजली विभाग के खिलाफ विरोध जताया। मौके पर पहुंची पुलिस को स्थिति संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों, स्वास्थ्य और ऊर्जा विभाग को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए पर्याप्त इंतजाम, पेयजल आपूर्ति और निर्बाध बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। वहीं मध्यांचल डिस्कॉम ने हालात को देखते हुए 31 जुलाई तक अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं, ताकि आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जा सके।