वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का शुभारंभ 22 मई 2026 को सफलतापूर्वक किया गया। पहले ही दिन व्यापक स्तर पर अभियान चलाते हुए प्रगणकों ने 1 करोड़ 35 लाख से अधिक घरों तक पहुंच बनाकर उन्हें जनगणना संख्या प्रदान की। इससे पहले 7 मई से 21 मई तक चले स्व-गणना अभियान में 47,96,158 परिवारों ने स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कराई, जिसे प्रशासन ने जनसहभागिता का सकारात्मक संकेत माना है।
राज्य के कुल 3,89,312 मकान सूचीकरण ब्लॉकों में घर-घर सर्वे का कार्य शुरू हुआ, जहां प्रगणकों और पर्यवेक्षकों द्वारा भवनों की पहचान, नंबरिंग और नजरी नक्शा तैयार करने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। पहले दिन शाम 4:30 बजे तक 56 ब्लॉकों में सूचीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया, जबकि 14,546 ब्लॉकों में मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़ों का संकलन शुरू हो गया।
इस अभियान को जनगणना 2027 के सुचारु संचालन की दिशा में एक सशक्त शुरुआत माना जा रहा है। राज्य प्रशासन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह राष्ट्रीय कार्यक्रम समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके।
इस बार की जनगणना में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है। इसी क्रम में काशी विश्वनाथ मंदिर, ताजमहल और झांसी का किला जैसे प्रमुख स्थलों का भी सूचीकरण किया जा रहा है। इन स्थलों का अभिलेखीकरण न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।