वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ. ज्येष्ठ मास की प्रचंड गर्मी का प्रतीक माना जाने वाला नौतपा आज 25 मई से शुरू हो गया है, जो 2 जून तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, जिसके कारण धरती पर सूर्य की तपिश अपने चरम पर पहुंच जाती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस दौरान तापमान में तेजी से वृद्धि और लू चलने की संभावना सबसे अधिक रहती है। माना जाता है कि नौतपा के दौरान जितनी अधिक गर्मी पड़ती है, उतनी ही अच्छी मानसूनी वर्षा होने के संकेत मिलते हैं।
नौतपा को स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील समय माना जाता है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स तेजी से कम होने लगते हैं। इससे डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, थकान और लू लगने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग इस मौसम में अधिक प्रभावित होते हैं। धूप में लंबे समय तक काम करने वाले लोगों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा के दौरान दोपहर में अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर ढककर निकलें और शरीर को पूरी तरह ढकने वाले हल्के सूती कपड़े पहनें। घर को ठंडा बनाए रखने के लिए दिन में खिड़कियों पर परदे लगाए रखें और रात के समय ताजी हवा आने दें। पंखा और कूलर का उपयोग भी राहत दे सकता है।
खानपान में भी विशेष सावधानी जरूरी मानी गई है। अधिक से अधिक पानी पीने के साथ नींबू पानी, छाछ, आम पन्ना और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन फायदेमंद रहेगा। तरबूज और खरबूजा जैसे मौसमी फलों को आहार में शामिल करने की सलाह दी गई है। वहीं तली-भुनी, मसालेदार और बासी खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।