वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मिशन कर्मयोगी भारत की शासन व्यवस्था को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक अभियान है, जो प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली को पूरी तरह बदल रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल अधिकारियों की क्षमता बढ़ा रही है, बल्कि उन्हें नागरिक-केंद्रित सोच के साथ कार्य करने के लिए भी प्रेरित कर रही है।
उन्होंने बताया कि पहले किसी अधिकारी को नई योजनाओं की जानकारी के लिए पारंपरिक और समय लेने वाले तरीकों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब आईगॉट प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकारी मिनटों में आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। यह बदलाव प्रशासनिक दक्षता में क्रांतिकारी सुधार ला रहा है। डॉ. सिंह ने कहा कि मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को केवल नियमों का पालन करने वाला अधिकारी नहीं, बल्कि एक समर्पित ‘कर्मयोगी’ बनाना है। इसके तहत प्रशिक्षण प्रणाली को निरंतर, भूमिका आधारित और तकनीक समर्थ बनाया गया है। वर्तमान में करोड़ों सरकारी कर्मचारी इस प्लेटफॉर्म से जुड़कर अपनी कार्यक्षमता बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बदलते समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी चुनौतियों के बीच पारंपरिक प्रशिक्षण प्रणाली अपर्याप्त हो गई थी, जिसे मिशन कर्मयोगी ने आधुनिक रूप दिया है। इस अभियान के जरिए प्रशासनिक तंत्र को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा रहा है।
डॉ. सिंह ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में प्रशिक्षित और सक्षम मानव संसाधन सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने विश्वास जताया कि मिशन कर्मयोगी के माध्यम से देश में एक नई कार्यसंस्कृति विकसित होगी, जिससे शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनेगी।