वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। राजधानी में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। नगर निगम ने वकीलों के करीब 200 चेंबर पर नोटिस चिपकाकर कथित अतिक्रमण स्वयं हटाने के लिए 29 अगस्त तक की मोहलत दी थी। समय सीमा समाप्त होने के बाद अब 30 अगस्त को इन चेंबरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। संभावित बुलडोजर कार्रवाई की सूचना से रविवार को छुट्टी के दिन भी बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौके पर पहुंचे।
नगर निगम की ओर से लगाए गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि कई चेंबर सड़क, फुटपाथ और नालियों पर बनाए गए हैं। इसके अलावा कुछ स्थानों पर खाने-पीने और अन्य दुकानों के लिए पक्का निर्माण किए जाने की बात भी कही गई है। सरकारी जमीन पर किए गए कथित अवैध निर्माण को भी नगर निगम ने कार्रवाई के दायरे में रखा है।
नोटिस के माध्यम से संबंधित लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया गया था। नगर निगम ने चेतावनी दी थी कि निर्धारित समय तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी। अब समय सीमा पूरी होने के बाद नगर निगम और प्रशासन की ओर से मौके पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। नोटिस चिपकाए जाने के बाद अधिवक्ताओं में नाराजगी भी देखी जा रही है। वकीलों का कहना है कि किसी भी कार्रवाई से पहले उनका पक्ष उचित तरीके से सुना जाना चाहिए। वहीं नगर निगम अतिक्रमण हटाने को लेकर अपने रुख पर कायम है। करीब 200 चेंबर पर नोटिस लगाए जाने के बाद अब सबकी निगाहें नगर निगम की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।