वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राजधानी के अलीगंज क्षेत्र में कोचिंग संस्थान और एनीमेशन सेंटर संचालित करने वाली इमारत में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों की जिंदगी वापस नहीं लाई जा सकती, लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस हादसे के जिम्मेदार लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा न जाए।
अलीगढ़ में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री को जैसे ही हादसे की सूचना मिली, उन्होंने अपना दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और तत्काल लखनऊ रवाना हो गए। राजधानी पहुंचते ही वह सीधे अलीगंज स्थित घटनास्थल पहुंचे, जहां उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसके बाद मुख्यमंत्री किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचे और घायलों तथा उनके परिजनों से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने मृत के परिजनों के लिए पांच-पांच लाख रुपये तथा घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। उन्होंने केजीएमयू प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश देते हुए कहा कि इलाज में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को हादसे की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने 23 जून के अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम भी रद्द कर दिए।
गौरतलब है कि अलीगंज स्थित एक बहुमंजिला इमारत में आग लगने से कोचिंग और एनीमेशन कोर्स कर रहे 15 छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई छात्र गंभीर रूप से झुलस गए। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट और एसी का कंप्रेसर फटने से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस, दमकल और एसडीआरएफ की टीमों ने कई घंटे तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया। हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री सभा छोड़ तुरंत वापस आए। उनके निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी फायर सुजीत पांडेय, पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर शाम तक राहत-बचाव कार्य जारी था।