वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्वोत्तर भारत के लिए विश्वास, विकास और परिवर्तन के स्वर्णिम कालखंड के रूप में स्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक समय देश के विकास मानचित्र में अंतिम छोर पर माना जाने वाला पूर्वोत्तर क्षेत्र आज भारत की प्रगति, सामर्थ्य और संभावनाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वोत्तर को केवल सीमावर्ती क्षेत्र के रूप में नहीं देखा, बल्कि उसे भारत के विकास का प्रवेशद्वार माना। इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि पिछले 12 वर्षों में क्षेत्र में आधारभूत संरचना, संपर्क व्यवस्था, शांति और आर्थिक गतिविधियों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि रेल, सड़क, हवाई और जल संपर्क के विस्तार से पूर्वोत्तर राज्यों की देश के अन्य हिस्सों से कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। हजारों किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण, नए हवाई अड्डों का विकास, रेलवे परियोजनाओं में निवेश और अंतर्देशीय जलमार्गों के विस्तार ने व्यापार, पर्यटन और रोजगार की नई संभावनाओं को जन्म दिया है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों से पूर्वोत्तर में शांति और स्थिरता का वातावरण मजबूत हुआ है। विभिन्न शांति समझौतों, उग्रवाद की घटनाओं में कमी और युवाओं को विकास के अवसर मिलने से क्षेत्र में विश्वास का नया माहौल बना है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और उद्यमिता को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की गई है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्वोत्तर के लिए ‘उपेक्षा से अवसर’, ‘अस्थिरता से विश्वास’ और ‘दूरी से विकास’ की यात्रा के प्रतीक हैं। आज पूर्वोत्तर विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में एक मजबूत भागीदार के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश का प्रत्येक क्षेत्र समान अवसरों और समावेशी विकास के साथ आगे बढ़ रहा है, जो नए भारत की पहचान बन चुका है।