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राम मंदिर दान प्रकरण : दानदाता अनुराग रस्तोगी ने उठाए कई सवाल, कहा एसआईटी जांच में करूंगा पूरा सहयोग

– दानदाता अनुराग रस्तोगी ने व्यक्तिगत रूप से 1-1 किलो चांदी के एक दीपक व दो कटोरे, 200 ग्राम की पंचधातु की सिल्ली और नाग-नागिन का जोड़ा दान किया था। रस्तोगी ने बताया, ‘चांदी के एक दीपक में डॉ. अनिल मिश्रा और उनकी पत्नी ने अखंड ज्योति जलाई थी। जब पीएम नरेंद्र मोदी ने रामलला को साष्टांग प्रणाम किया था, उस वक्त तस्वीरों में वह चांदी की अखंड ज्योति साफ दिख रही थी। लेकिन भव्य मंदिर बनने के बाद न तो वह दीपक वहां दिखा और न ही भगवान को भोग लगाने के लिए दिए गए चांदी के कटोरे।’
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राम मंदिर में दान की गई चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक दानदाता ने सामने आकर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। दानदाता अनुराग रस्तोगी ने दावा किया है कि उन्होंने भगवान रामलला को करीब 60 किलो चांदी की सिल्ली समेत कई मूल्यवान वस्तुएं श्रद्धापूर्वक समर्पित की थीं, लेकिन वर्तमान में उन वस्तुओं की स्थिति क्या है, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
दानदाता अनुराग रस्तोगी जो की एक सर्राफा व्यवसायी है और सर्राफा एसोसिएशन “IBJA” के NORTH INDIA HEAD है, जिन्हीने 28 जुलाई 2020 को दान दिया था। उन्होंने यह दान किसी प्रचार या व्यक्तिगत पहचान के लिए नहीं, बल्कि अपनी धार्मिक आस्था और श्रद्धा के भाव से किया था। उन्होंने कहा कि रामलला को अर्पित की गई चांदी की सिल्ली और अन्य वस्तुओं का उपयोग किस प्रकार हुआ तथा उनका रिकॉर्ड कहां दर्ज है, इसकी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।
अनुराग रस्तोगी ने अपनी बात दोहराते हुए कहा की मामला सिर्फ चांदी या दीपक का नहीं है, बल्कि पारदर्शिता का है। उनके मुताबिक, देशभर से लाखों श्रद्धालु राम मंदिर में दान करते हैं, कोई कैश देता है, कोई सोना-चांदी, तो कोई धार्मिक महत्व की वस्तुएं. ऐसे में क्या मंदिर प्रशासन के पास इन सभी वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड है? क्या दानदाताओं को यह बताया जा सकता है कि उनकी दी हुई वस्तुएं कहां हैं? जिन वस्तुओं को श्रद्धालुओं ने भगवान को समर्पित किया है, उनके संरक्षण और अभिलेखीकरण की स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि दान की गई वस्तुओं का पूरा विवरण उपलब्ध है तो उसे सामने लाया जाना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की शंका की स्थिति न बने। दानदाता ने यह भी कहा कि यदि मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) उन्हें पूछताछ के लिए बुलाती है तो वह पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को जो भी जानकारी चाहिए होगी, वह उपलब्ध कराएंगे, जिससे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
उल्लेखनीय है कि राम मंदिर में चढ़ावे, आभूषणों और दान में मिली वस्तुओं के रिकॉर्ड को लेकर हाल के दिनों में कई सवाल उठे हैं। मामले की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसियां दस्तावेजों, रजिस्टरों और संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर तथ्यों की पड़ताल में जुटी हैं। ऐसे में दानदाता के इस बयान ने मामले को नया आयाम दे दिया है।

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