वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और दान में मिले आभूषणों के रिकॉर्ड में हेरफेर के आरोपों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद ने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराए जाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि यह केवल उत्तर प्रदेश या अयोध्या का विषय नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था से जुड़ा मामला है, इसलिए इसकी जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।
सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे, दान और आभूषणों से जुड़े किसी भी प्रकार के आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रही है, लेकिन एसआईटी राज्य सरकार के अधीन कार्य कर रही है। इसलिए लोगों के मन में निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए, ताकि पूरे देश को जांच प्रक्रिया पर भरोसा हो सके। उनके अनुसार न्यायालय की निगरानी में होने वाली जांच स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय मानी जाती है तथा इससे सभी तथ्यों का निष्पक्ष खुलासा संभव होगा।
अवधेश प्रसाद ने कहा कि यदि दान में मिले आभूषणों और चढ़ावे के रिकॉर्ड में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से पड़ताल करें और सच्चाई देश के सामने लाएं। उधर, राम मंदिर से जुड़े इस प्रकरण की जांच जारी है और जांच एजेंसियां रिकॉर्ड, दस्तावेजों तथा संबंधित लोगों के बयानों का परीक्षण कर रही हैं। मामले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।