वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार,
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से तैनात एक सब-इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दिए बिना हरियाणा के गुरुग्राम में छापेमारी करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक 25 अगस्त को नांगल थाना पुलिस एक मामले में वांछित टिसोत्रा निवासी पंकज की तलाश में गुरुग्राम के सेक्टर-14 पहुंची थी, जहां छापे के दौरान एक गैंगस्टर ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
घटनाक्रम और लापरवाही का खुलासा :
पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई ने रविवार को बताया कि नांगल थाना क्षेत्र के ग्राम तिसोत्रा में एक अगस्त की शाम फायरिंग की घटना हुई थी, जिसमें सविता पत्नी राजवीर सिंह ने तीन युवकों पर घर के बाहर फायरिंग का आरोप लगाया था। जांच के दौरान पुलिस को वांछित आरोपी पंकज की लोकेशन गुरुग्राम में मिली, जिसके बाद सब-इंस्पेक्टर हरस्वरूप शर्मा चार कांस्टेबलों के साथ गुरुग्राम के सेक्टर-14 स्थित एक मकान में पहुंचे। मकान में मौजूद लोगों को पुलिस की मौजूदगी का पता चलते ही टिसोत्रा निवासी गैंगस्टर डिकेंद्र पाल (24) ने कथित तौर पर खुद को गोली मार ली और गोली लगने के बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके से वांछित आरोपी पंकज को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन दूसरे राज्य में इस तरह की कार्रवाई करने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी।
एसपी का सख्त रूख और निलंबन की कार्रवाई :
एसपी केके बिश्नोई ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को सब-इंस्पेक्टर हरस्वरूप शर्मा, कांस्टेबल सुजीत कुमार, रोहित कुमार, अरुण राजौरा और पवन शर्मा को निलंबित कर दिया। पुलिस विभाग में इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है, क्योंकि दूसरे राज्य में दबिश के दौरान निर्धारित प्रक्रिया और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के निर्देशों की अनदेखी को गंभीर अनुशासनहीनता माना गया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसपी की इस सख्त कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में संदेश गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।