वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
हापुड़ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में लगने वाले वार्षिक कार्तिक पूर्णिमा मेले और अमरोहा के तिगरी मेले की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मेला स्थल का हवाई सर्वेक्षण और गढ़ गंगा मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़मुक्तेश्वर मेला उत्तर प्रदेश की आस्था, अध्यात्म और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। सरकार का उद्देश्य है कि यह आयोजन श्रद्धा, अनुशासन और स्वच्छता के साथ सम्पन्न हो, ताकि हर आगंतुक इस पावन तीर्थ से शांति और आशीर्वाद लेकर लौटे। उन्होंने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा पर हर वर्ष लगभग 40 से 45 लाख श्रद्धालु गंगा तट पर स्नान और दीपदान के लिए पहुंचते हैं, इसलिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और समन्वित रूप से पूरी की जाएं।
मुख्यमंत्री ने यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस हेतु गंगा घाटों पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती, सीसीटीवी व ड्रोन से निगरानी, रेस्क्यू बोट और हेल्पलाइन सेंटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कटान क्षेत्रों में ड्रेजिंग कार्य शीघ्र पूरा कराने और पॉन्टून पुल की व्यवहार्यता जांचने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घाटों पर भीड़ प्रबंधन, चेंजिंग रूम, स्वच्छ शौचालय, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और कचरा संग्रहण की व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। उन्होंने निर्बाध बिजली आपूर्ति, इलेक्ट्रिक सेफ्टी, फायर सेफ्टी सिस्टम, अस्थायी अस्पताल, एंटी-स्नेक वैनम और एंटी-रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मेले को आकर्षक रूप से सजाने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु होर्डिंग्स लगाने को कहा। उन्होंने यातायात डायवर्जन योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि 20–25 किलोमीटर के दायरे में कोई जाम की स्थिति न बने। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं से कोई अतिरिक्त शुल्क न वसूला जाए और ड्यूटी पर तैनात स्वयंसेवकों के खान-पान की उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि गढ़मुक्तेश्वर का यह ऐतिहासिक मेला आस्था, व्यवस्था और स्वच्छता का आदर्श उदाहरण बने।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने गंगा पूजन किया, सदर बाजार का अवलोकन किया और मेले के लिए तैयार किए जा रहे मोढ़ों की गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने कहा कि गढ़मुक्तेश्वर का धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व अत्यंत प्राचीन है। यह वही पावन स्थल है जहाँ महाभारत काल में युधिष्ठिर, अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए गंगा स्नान किया था। यहाँ का कार्तिक पूर्णिमा मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक परंपरा और लोक जीवन का भी अभिन्न हिस्सा है।