– बीबीडी यूनिवर्सिटी में योगी आदित्यनाथ ने बांटी डिग्रियाँ
– छात्रों को समाधान-प्रधान सोच, तकनीक अपनाने और संकल्प के साथ आगे बढ़ने का दिया संदेश
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। बीबीडी यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए छात्रों को एक घंटे से अधिक समय तक प्रेरक संबोधन दिया। समारोह में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, चांसलर अलका दास गुप्ता और प्रो चांसलर विराज सागर दास भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्रों को पदक और डिग्रियां प्रदान कीं और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं खेल गतिविधियों की सराहना की।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बीबीडी यूनिवर्सिटी में स्केल और स्किल का प्रभावी समन्वय दिखाई देता है, जो आधुनिक भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप है। उन्होंने छात्रों से समस्याओं के बजाय समाधान पर ध्यान केंद्रित करने, निरंतर प्रयास करने और नई तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एआई, रोबोटिक्स और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज नई संभावनाओं के द्वार खोल रही हैं, इसलिए इंजीनियरिंग और उच्च शिक्षण संस्थानों को इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू बनारसी दास और विश्वविद्यालय के संस्थापक अखिलेश दास गुप्ता का स्मरण करते हुए कहा कि जिन विभूतियों के नाम पर संस्थान खड़े हैं, उनके आदर्शों से प्रेरणा लेना हर छात्र का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने खेल, तकनीक, कौशल विकास, डिजिटल सेवाओं और सुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
सीएम ने छात्रों से कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है और उत्तर प्रदेश तेजी से विकासशील राज्यों में शामिल हो गया है। सुरक्षा, निवेश, रोजगार और सक्षम शासन व्यवस्था के कारण आज यूपी देश के टॉप अचीवर राज्यों में गिना जा रहा है। उन्होंने जीवन में धैर्य, अनुशासन और अटूट संकल्प बनाए रखने की सीख दी।
समारोह में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना की और महान विभूतियों के आदर्शों पर चलकर समाजहित में योगदान देने का संदेश दिया। प्रो चांसलर विराज सागर दास ने कहा कि मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने बताया कि बीबीडी यूनिवर्सिटी ने शिक्षा, शोध, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में कई नई पहलें की हैं और आज इसके हजारों विद्यार्थी एवं पूर्व छात्र देश-विदेश में संस्थान का गौरव बढ़ा रहे हैं।