वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
देवरिया। डेढ़ साल की बीमार बच्ची का एम्स दिल्ली में लीवर ट्रांसप्लांट कराने का झांसा देकर 4.14 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप लखनऊ के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े हर्षित पाठक पर लगा है। आरोपित ने बच्ची को एम्स में भर्ती कराने और इलाज की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर उसके स्वजन से 4,14,500 रुपये लिए। करीब तीन महीने तक फर्जी बिल भेजकर उन्हें गुमराह किए जाने का भी आरोप है।
देवरिया निवासी मान्या चौहान लंबे समय से बीमार बताई जा रही है। उसके लीवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता को देखते हुए स्वजन इलाज के लिए बेहतर विकल्प तलाश रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात हर्षित पाठक से हुई। आरोप है कि उसने एम्स दिल्ली में बच्ची का लीवर ट्रांसप्लांट कराने और भर्ती की व्यवस्था कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद अलग-अलग मद में स्वजन से रकम ली गई।
आरोप है कि हर्षित ने एम्स में भर्ती और उपचार से संबंधित बताते हुए फर्जी बिल भी भेजे। स्वजन इन दस्तावेजों को सही मानकर करीब तीन महीने तक उसके संपर्क में रहे और उपचार की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद करते रहे। जब बच्ची को लेकर स्वजन स्वयं एम्स दिल्ली पहुंचे तो वहां संबंधित बिलों के फर्जी होने की जानकारी हुई। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला।
मामले में पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपों की जांच के साथ रकम के लेनदेन और उपलब्ध दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े व्यक्ति की भूमिका सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।