वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राजधानी के ट्रांसपोर्ट नगर में एएनटीएफ लखनऊ यूनिट और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की संयुक्त कार्रवाई में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। टीम ने 9.60 लाख एल्प्राजोलाम टैबलेट, 1.20 लाख ट्रामाडोल एचसीएल कैप्सूल और कोडीनयुक्त कफ सिरप की 720 बोतलें बरामद की हैं। बरामद दवाओं का कुल वजन करीब 228 किलोग्राम बताया गया है। मामले में छह आरोपितों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है।
एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि ट्रांसपोर्ट नगर में नशीली दवाओं की बड़ी खेप पहुंचने वाली है। सूचना के आधार पर टीम ने तीन सितंबर को निगरानी शुरू की। मकान संख्या एस-363/364 के सामने तीन लोगों को कार्टून बोरियों में छिपाते देख टीम ने घेराबंदी कर तलाशी ली। किशन वासवानी, समीर अहमद और शाद इरशाद के कब्जे से नशीली दवाएं बरामद हुईं। एफएसडीए के औषधि निरीक्षकों ने बरामद दवाओं के नमूने भी जांच के लिए लिए।
पूछताछ में किशन और समीर ने दवाएं कन्हैया फार्मा के संचालक उमेश कुमार से लेने की जानकारी दी। इसके बाद उमेश कुमार और सतेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि उमेश कथित तौर पर सतेन्द्र की फर्म के दस्तावेजों का इस्तेमाल दवाओं की बिलिंग के लिए करता था और इसके बदले कमीशन देता था।
एफएसडीए की जांच में कन्हैया फार्मा में सात प्रकार की दवाओं का भंडारण मिला। खरीद-बिक्री से जुड़े पूरे अभिलेख प्रस्तुत न किए जाने पर फर्म को सील कर दिया गया। पूछताछ में शाद से मिली जानकारी के आधार पर विशाल चौरसिया को भी गिरफ्तार किया गया। एएनटीएफ के मुताबिक सभी छह आरोपित संगठित अवैध नेटवर्क का हिस्सा पाए गए हैं। टीम ने सात मोबाइल फोन और 11,140 रुपये नकद भी बरामद किए। कार्रवाई की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य एप के माध्यम से की गई।