वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। चिकित्सा शिक्षा विभाग में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (DGME) के पद को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब इस महत्वपूर्ण पद पर आइएएस अधिकारी की जगह वरिष्ठ चिकित्सक की तैनाती का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। विभाग ने प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों के वरिष्ठतम नियमित प्रधानाचार्यों की वरिष्ठता सूची जारी कर दी है। सूची जारी होने के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग में लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट के दबाव के बाद विभाग की ओर से वरिष्ठता सूची जारी की गई है। सूची को लेकर संबंधित अधिकारियों और चिकित्सकों से सात दिन के भीतर आपत्तियां मांगी गई हैं। निर्धारित अवधि में प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के बाद वरिष्ठता के आधार पर अंतिम सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद DGME पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत राजकीय मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठतम नियमित प्रधानाचार्य को पदोन्नति देकर महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के पद पर तैनात किए जाने की तैयारी है। इससे DGME की कुर्सी पर लंबे समय से IAS अधिकारी की तैनाती की चली आ रही व्यवस्था में बदलाव होगा। चिकित्सकों के बीच विभाग के इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वरिष्ठता सूची जारी होने के बाद अब संबंधित चिकित्सकों की निगाहें आपत्तियों के निस्तारण और अंतिम सूची पर टिकी हैं। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद वरिष्ठतम पात्र प्रधानाचार्य की पदोन्नति के साथ DGME पद पर तैनाती का आदेश जारी किया जा सकता है। अंतिम निर्णय के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे में भी इसका असर देखने को मिलेगा।