वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) ने जैव-चिकित्सीय अनुसंधान में उत्कृष्टता के उत्सव के रूप में शनिवार को रिसर्च शोकेस 2025 का आयोजन किया। कार्यक्रम अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय के सशक्त अनुसंधान परिवेश और संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं तथा छात्रों के उल्लेखनीय योगदान को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार और पद्मश्री व शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित प्रो. अजय कुमार सूद रहे। उन्होंने चिकित्सा विज्ञान में नवाचार विषय पर व्याख्यान देते हुए स्वस्थ भारत के लिए रणनीतिक रोडमैप पर प्रकाश डाला और उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी व नवाचार परिदृश्य की भूमिका को रेखांकित किया।
केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने स्वागत संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय अनुसंधान, नवाचार और सहयोग की संस्कृति को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है। अधिष्ठाता अनुसंधान प्रो. हरदीप सिंह मल्होत्रा ने वार्षिक अनुसंधान रिपोर्ट और भावी दृष्टि प्रस्तुत की, जबकि अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. वीरेंद्र आतम ने मुख्य अतिथि का परिचय कराया। रिसर्च शोकेस में पियर-रिव्यूड प्रकाशनों और चल रहे अनुसंधान कार्यों के ई-पोस्टरों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें क्लिनिकल मेडिसिन, जनस्वास्थ्य, मूल विज्ञान और ट्रांसलेशनल रिसर्च शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान सर्वश्रेष्ठ पीएचडी शोध प्रबंध, सर्वश्रेष्ठ पोस्टर, एमिनेंस इन रिसर्च और प्रोफेसर धावेन्द्र कुमार यंग इन्वेस्टिगेटर स्वर्ण पदक सहित कई पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवा शोधकर्ताओं को प्रेरित करना और राष्ट्रीय व वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं में केजीएमयू की भूमिका को और मजबूत करना रहा। अंत में उप-अधिष्ठाता एथिक्स डॉ. सुजीत कुमार कर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।